मैं कौन हूँ? / Who Am I ?
Mai Kaun Hu? / मै कौन हूं? मैं कौन हूं? एक दिन सुबह आरव आईने के सामने खड़ा था। बाहर सूरज निकल चुका था, लेकिन उसके भीतर जैसे कोई अंधेरा जमा हुआ था। उसने अपने चेहरे को देखा और अचानक खुद से एक सवाल पूछा— “मैं कौन हूँ?” सवाल बहुत छोटा था, लेकिन उसका उत्तर कहीं दिखाई नहीं दे रहा था। वह अपने नाम को जानता था। अपने घर को जानता था। अपने माता-पिता को जानता था। उसे पता था कि वह क्या पढ़ता है, कहाँ काम करता है, उसके कितने दोस्त हैं और लोग उसके बारे में क्या सोचते हैं। लेकिन जब उसने अपने आप से पूछा कि इन सबके पीछे जो “मैं” है, वह वास्तव में कौन है—तो वह चुप हो गया। उस दिन पहली बार उसे महसूस हुआ कि शायद हममें से बहुत से लोग पूरी जिंदगी अपने बारे में बहुत कुछ जानते हुए भी अपने आपको नहीं जानते। हम अपना नाम जानते हैं, लेकिन अपना स्वभाव नहीं। हम अपनी नौकरी जानते हैं, लेकिन अपनी दिशा नहीं। हम अपनी उपलब्धियाँ जानते हैं, लेकिन अपनी वास्तविक कीमत नहीं। हम दूसरों की नजरों में अपनी पहचान बनाते रहते हैं, लेकिन कभी-कभी अपने ही भीतर के इंसान से परिचित नहीं हो पाते। यही सवाल हमारी जिंदगी को बदल ...