तू मेरी अधूरी मोहब्बत… हिंदी कविता / Hindi Poetry Tu Meri Adhuri Mohabbat
“तू मेरी अधूरी मोहब्बत” हिंदी कविता । Tu Meri Adhuri Mohabbat Hindi Kavita. Tu meri adhuri mohabbat “तू मेरी अधूरी मोहब्बत” तेरे नाम से शुरू, मेरी हर सुबह होती थी, तेरी यादों में ही मेरी हर शाम खोती थी, तू पास नहीं थी फिर भी दिल के करीब थी, मेरी हर धड़कन में बस तेरे ही नसीब थे। तेरी हँसी में मैंने अपनी खुशियाँ ढूँढ़ी थीं, तेरी आँखों में अपने सपनों की दुनिया जोड़ी थी, तुझे चाहना मेरी ज़िंदगी का सबसे हसीन ख़्वाब था, पर शायद तुझे पाना मेरी किस्मत में कहाँ था। तेरे साथ चलने के कई ख़्वाब सजाए थे, तेरे नाम के कुछ ख़त दिल में छुपाए थे, सोचा था एक दिन तू मेरी हमसफ़र बनेगी, मेरी हर अधूरी दुआ का मुकम्मल असर बनेगी। मगर वक़्त ने ऐसी करवट बदली, मेरी हँसी के पीछे एक ख़ामोशी पनपने लगी, जिसे अपना समझकर सारी दुनिया भुला दी, उसी ने मेरी दुनिया से अपनी राह बना ली। आज भी तेरी यादें मुझे सोने नहीं देतीं, तेरी कही बातें दिल को ख़ामोश नहीं रहने देतीं, मैं हँसता हूँ महफ़िल में, मगर तन्हा हूँ अंदर से, कुछ दर्द ऐसे होते हैं, जो दिखते नहीं चेहरे से। तू खुश रहे, बस इतनी-सी दुआ करता हूँ, तेरी हर खुशी ...