“उड़ता तीर लेना” मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग / Udata Teer Lena Meaning In Hindi
Udata Teer Lena Muhavare Ka Arth Aur Vakya Prayog / उड़ता तीर लेना मुहावरे का क्या मतलब होता है?
मुहावरा- “उड़ता तीर लेना”।
(Muhavara- Udata Teer Lena)
अर्थ- बिना वजह खुद को मुसीबत में डालना / अनावश्यक जोखिम उड़ाना ।
(Arth/Meaning in Hindi- Bina Vajah Khud Ko Musibat Me Dalna / Anavashyak Jokhim Uthana)
“उड़ता तीर लेना” मुहावरे का अर्थ/व्याख्या इस प्रकार है-
परिचय:
हिंदी भाषा में मुहावरों का विशेष महत्व है। मुहावरे भाषा को प्रभावशाली, जीवंत और अर्थपूर्ण बनाते हैं। वे कम शब्दों में गहरी बात कहने की क्षमता रखते हैं। ऐसा ही एक प्रसिद्ध मुहावरा है— “उड़ता तीर लेना”। यह मुहावरा दैनिक जीवन में अक्सर सुनने को मिलता है और व्यवहारिक बुद्धिमत्ता से जुड़ा हुआ है।
शाब्दिक अर्थ:
यदि हम इस मुहावरे को शाब्दिक रूप से देखें तो “उड़ता तीर लेना” का अर्थ होगा— हवा में चल रहे तीर को स्वयं पकड़ लेना या उसकी दिशा में जाकर उसे ग्रहण करना। तीर एक ऐसा अस्त्र है जो चलने के बाद बहुत तीव्र गति से लक्ष्य की ओर बढ़ता है। उड़ते हुए तीर को पकड़ना या अपने ऊपर लेना अत्यंत खतरनाक और मूर्खतापूर्ण कार्य है, क्योंकि उससे गंभीर चोट लग सकती है।
स्पष्ट है कि कोई समझदार व्यक्ति स्वयं चलकर उड़ते हुए तीर को नहीं पकड़ेगा।
भावार्थ (लाक्षणिक अर्थ):
मुहावरे के रूप में “उड़ता तीर लेना” का अर्थ है— बिना आवश्यकता के किसी मुसीबत, झगड़े या परेशानी को अपने ऊपर ले लेना, या बिना कारण किसी विवाद में पड़ जाना।
जब कोई व्यक्ति ऐसी समस्या में उलझ जाता है जिसका उससे कोई संबंध नहीं होता, या जानबूझकर जोखिम मोल लेता है, तब इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है।
व्याख्या:
जीवन में अनेक बार ऐसी परिस्थितियाँ आती हैं जब हम किसी विवाद, बहस या समस्या से दूर रह सकते हैं। परंतु कुछ लोग बिना सोचे-समझे उसमें कूद पड़ते हैं। वे सोचते हैं कि वे स्थिति को संभाल लेंगे या अपनी बहादुरी दिखा देंगे, लेकिन बाद में वही समस्या उनके लिए भारी पड़ जाती है।
ऐसे ही व्यवहार को “उड़ता तीर लेना” कहा जाता है।
यह मुहावरा हमें सावधानी और विवेक का संदेश देता है। यह बताता है कि हर लड़ाई या विवाद में शामिल होना आवश्यक नहीं है। समझदारी इसी में है कि जहाँ जरूरत न हो, वहाँ स्वयं को बचाकर रखा जाए।
उदाहरण द्वारा स्पष्टीकरण:
विद्यालय का उदाहरण
यदि दो छात्रों के बीच झगड़ा हो रहा है और तीसरा छात्र बिना किसी कारण उनके बीच कूद पड़ता है, तो संभव है कि शिक्षक उसे भी दोषी समझ लें। ऐसे में कहा जाएगा— “तुमने तो बेकार में उड़ता तीर ले लिया।”
कार्यालय का उदाहरण
ऑफिस में दो सहकर्मियों के बीच किसी परियोजना को लेकर मतभेद है। यदि कोई तीसरा व्यक्ति बिना पूछे अपनी राय देकर विवाद को और बढ़ा देता है, तो कहा जाएगा कि उसने “उड़ता तीर ले लिया।”
पारिवारिक उदाहरण
परिवार में दो सदस्यों के बीच छोटी-सी बात पर मतभेद हो जाए और कोई अन्य सदस्य बिना कारण हस्तक्षेप कर स्वयं विवाद का हिस्सा बन जाए, तो उसके लिए भी यही मुहावरा प्रयोग होगा।
नैतिक शिक्षा:
“उड़ता तीर लेना” मुहावरा हमें यह शिक्षा देता है कि—
*बिना कारण किसी समस्या में न पड़ें।
*किसी विवाद में शामिल होने से पहले उसके परिणामों पर विचार करें।
*संयम और धैर्य का पालन करें।
*हर जगह अपनी राय देना आवश्यक नहीं है।
जीवन में सफलता पाने के लिए केवल साहस ही नहीं, बल्कि विवेक और समझदारी भी आवश्यक है।
“उड़ता तीर लेना” मुहावरे का वाक्य प्रयोग / Udata Teer Pakadna Muhavare Ka Arth.
1.तुम दोनों के झगड़े में पड़कर मैंने बेकार में उड़ता तीर ले लिया।
2.बिना पूरी बात जाने बहस में कूदना उड़ता तीर लेना है।
3.ऑफिस की राजनीति में शामिल होकर उसने उड़ता तीर ले लिया।
4.पड़ोसियों के विवाद में बोलकर रमेश ने उड़ता तीर ले लिया।
5.सोशल मीडिया पर बिना सोचे-समझे टिप्पणी करना उड़ता तीर लेना है।
6.शिक्षक ने कहा कि दूसरों की लड़ाई में मत पड़ो, वरना उड़ता तीर ले लोगे।
7.अदालत के मामले में गवाही देकर उसने उड़ता तीर ले लिया।
8.परिवार के झगड़े में हस्तक्षेप करके मैंने उड़ता तीर ले लिया।
9.अनजान लोगों के विवाद में पड़ना उड़ता तीर लेने के समान है।
10.उसने दोस्ती निभाने के चक्कर में उड़ता तीर ले लिया।
11.छोटी-सी बात को बढ़ाकर तुमने उड़ता तीर ले लिया।
12.बिना बुलाए सलाह देकर उसने उड़ता तीर ले लिया।
13.राजनीति की चर्चा में उलझकर वह उड़ता तीर ले बैठा।
14.दूसरों की गलती अपने सिर लेकर उसने उड़ता तीर ले लिया।
15.जब मामला शांत हो रहा था, तब बोलकर तुमने उड़ता तीर ले लिया।
16.प्रबंधक ने चेतावनी दी कि बेकार के विवाद में पड़ना उड़ता तीर लेना है।
17.भाई-बहनों के झगड़े में बोलकर उसने उड़ता तीर ले लिया।
18.अनावश्यक बहस में पड़ना समझदार व्यक्ति का काम नहीं, यह तो उड़ता तीर लेना है।
19.उसने बिना कारण आरोप स्वीकार कर उड़ता तीर ले लिया।
20.समझदार व्यक्ति कभी भी उड़ता तीर नहीं लेता।
निष्कर्ष:
“उड़ता तीर लेना” एक प्रभावशाली और शिक्षाप्रद मुहावरा है, जो हमें जीवन में सावधानी और समझदारी का महत्व बताता है। इसका मूल संदेश यह है कि हमें बिना आवश्यकता किसी झंझट या विवाद में नहीं पड़ना चाहिए। जिस प्रकार कोई समझदार व्यक्ति उड़ते हुए तीर को पकड़ने का प्रयास नहीं करेगा, उसी प्रकार बुद्धिमान व्यक्ति अनावश्यक समस्याओं से दूर रहकर अपने जीवन को शांत और संतुलित बनाए रखता है।
इस प्रकार यह मुहावरा न केवल भाषा को समृद्ध करता है, बल्कि हमें व्यवहारिक ज्ञान भी प्रदान करता है।
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