“घास न डालना” मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग / Ghas Na Dalna Meaning In Hindi
Ghas Na Dalna Muhavare Ka Arth Aur Vakya Prayog / घास न डालना मुहावरे का क्या मतलब होता है?
मुहावरा: “घास न डालना”।
(Muhavara- Ghas Na Dalna)
अर्थ- बिल्कुल भी महत्व न देना / नजरंदाज करना / ध्यान न देना ।
(Arth/Meaning in Hindi- Bilkul Bhi Mahatva Na Dena / Nazarandaz Karna / Dhyan Na Dena)
“घास न डालना” मुहावरे का अर्थ/व्याख्या इस प्रकार है-
परिचय:
हिंदी भाषा में मुहावरों का विशेष महत्व है। मुहावरे भाषा को प्रभावशाली, संक्षिप्त और भावपूर्ण बनाते हैं। इन्हीं प्रचलित मुहावरों में से एक है — ‘घास न डालना’। यह मुहावरा सामान्य बोलचाल में बहुत अधिक प्रयोग किया जाता है और किसी व्यक्ति की उपेक्षा या अनदेखी करने की भावना को व्यक्त करता है।
मुहावरे का शाब्दिक अर्थ:
यदि ‘घास न डालना’ को शब्दों में समझें तो इसका सीधा अर्थ होगा — किसी पशु को घास न देना। जैसे गाय, भैंस या घोड़े को यदि घास न दी जाए तो इसका अर्थ है कि उसकी देखभाल नहीं की जा रही या उसे महत्व नहीं दिया जा रहा।
मुहावरे का वास्तविक (भावार्थ) अर्थ:
‘घास न डालना’ का भावार्थ है —
किसी व्यक्ति की बिल्कुल परवाह न करना, उसकी ओर ध्यान न देना या उसे पूरी तरह अनदेखा कर देना।
जब कोई व्यक्ति दूसरे की बातों, भावनाओं या उपस्थिति को महत्व नहीं देता, तब इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है।
मुहावरे की व्याख्या:
यह मुहावरा ग्रामीण जीवन से जुड़ा हुआ है। पुराने समय में लोग पशुपालन करते थे। पशु घर की संपत्ति और आजीविका का साधन होते थे। यदि कोई पशु को घास न डाले, तो इसका मतलब है कि वह उसकी देखभाल नहीं कर रहा है। धीरे-धीरे यही भाव मानव संबंधों में भी प्रयुक्त होने लगा।
जब कोई व्यक्ति किसी की उपेक्षा करता है या उसे महत्व नहीं देता, तब कहा जाता है कि वह उसे “घास नहीं डालता”। यह मुहावरा अक्सर सामाजिक और व्यक्तिगत संबंधों में प्रयुक्त होता है।
उदाहरण द्वारा स्पष्टिकरण:
*राहुल कई दिनों से रीना से बात करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन रीना उसे घास नहीं डाल रही।
*परीक्षा में अच्छे अंक आने के बाद भी अध्यापक ने उसकी ओर घास नहीं डाली।
*वह इतना घमंडी हो गया है कि अब पुराने दोस्तों को घास तक नहीं डालता।
इन उदाहरणों से स्पष्ट है कि यह मुहावरा उपेक्षा, तिरस्कार या अनदेखी को व्यक्त करता है।
सामाजिक संदर्भ में प्रयोग:
आज के समय में यह मुहावरा युवाओं के बीच विशेष रूप से लोकप्रिय है। मित्रता, प्रेम संबंध या सामाजिक दायरे में जब कोई व्यक्ति दूसरे को महत्व नहीं देता, तब यह कहा जाता है कि “वह उसे घास नहीं डाल रहा।”
कभी-कभी यह मुहावरा मजाकिया अंदाज में भी बोला जाता है, तो कभी गंभीर स्थिति में भी। जैसे—
*कोई छात्र बार-बार शिक्षक से प्रश्न पूछे और शिक्षक ध्यान न दें।
*कोई व्यक्ति अपने पड़ोसी की बातों को अनसुना कर दे।
*किसी समूह में एक व्यक्ति को जानबूझकर अलग कर दिया जाए।
“घास न डालना” मुहावरे का वाक्य प्रयोग / Ghas Na Dalna Muhavare Ka Vakya Prayog.
1.मैंने उसे बुलाया, लेकिन उसने मुझे घास नहीं डाली।
2.वह मेरी बातों को बिल्कुल घास नहीं डालता।
3.मैंने कई बार पूछा, पर उसने घास नहीं डाली।
4.वह इतना घमंडी है कि किसी को घास नहीं डालता।
5.मैंने मदद मांगी, लेकिन उसने घास नहीं डाली।
6.शिक्षक समझा रहे थे, पर कुछ बच्चे घास नहीं डाल रहे थे।
7.वह मुझे देखकर भी घास नहीं डालता।
8.मैंने उसे नमस्ते की, पर उसने घास नहीं डाली।
9.वह अपने छोटे भाई को घास नहीं डालता।
10.दोस्त ने बुलाया, पर उसने घास नहीं डाली।
11.मैंने उसे संदेश भेजा, लेकिन उसने घास नहीं डाली।
12.वह खेल में इतना व्यस्त था कि किसी को घास नहीं डाल रहा था।
13.मैंने समझाया, पर उसने मेरी बात को घास नहीं डाली।
14.वह कक्षा में ध्यान नहीं देता और शिक्षक की बातों को घास नहीं डालता।
15.मैंने उसे पुकारा, पर उसने घास तक नहीं डाली।
16.वह अपनी गलती मानने को तैयार नहीं था और मेरी बातों को घास नहीं डाली।
17.नया दोस्त बनते ही उसने पुराने दोस्तों को घास नहीं डाली।
18.मैंने उससे बात करनी चाही, लेकिन उसने घास नहीं डाली।
19.वह सबकी बात सुनता है, पर मेरी बात को घास नहीं डालता।
20.मैंने उससे मदद मांगी, फिर भी उसने मुझे घास नहीं डाली।
निष्कर्ष:
‘घास न डालना’ एक प्रचलित हिंदी मुहावरा है, जिसका अर्थ है — किसी की उपेक्षा करना या उसे बिल्कुल महत्व न देना। इसका शाब्दिक अर्थ पशुओं को घास न देने से जुड़ा है, लेकिन इसका भावार्थ मानवीय संबंधों में उपेक्षा और अनदेखी को दर्शाता है। यह मुहावरा हमारे दैनिक जीवन में बहुत सामान्य है और भाषा को सजीव तथा प्रभावशाली बनाता है।
इस प्रकार, ‘घास न डालना’ केवल एक साधारण वाक्यांश नहीं, बल्कि सामाजिक व्यवहार और मानवीय मनोविज्ञान का प्रतिबिंब भी है।
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