“घर का नाम डुबोना” मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग / Ghar Ka Naam Dubona Meaning In Hindi
Ghar Ka Nam Dubona Muhavare Ka Arth Aur Vakya Prayog / घर का नाम डुबोना मुहावरे का क्या मतलब होता है?
मुहावरा: “घर का नाम डुबोना”।
(Muhavara: Ghar Ka Naam Sunona)
अर्थ: परिवार या कुल को कलंकित करना / खानदान की इज्जत को मिट्टी में मिलना ।
(Arth/Meaning in Hindi: Pariwar Ya Kul Ko Kalankit Karna / Khandan Ki Izzat Ko Mitti Me Milana)
“घर का नाम डुबोना” मुहावरे का अर्थ/व्याख्या इस प्रकार हैं-
परिचय:
हिंदी भाषा में मुहावरों का विशेष स्थान है। मुहावरे कम शब्दों में गहरी और प्रभावशाली बात कहने की क्षमता रखते हैं। “घर का नाम डुबोना” भी ऐसा ही एक प्रचलित और अर्थपूर्ण मुहावरा है, जो सामाजिक और नैतिक संदर्भों में अक्सर प्रयोग किया जाता है। इस मुहावरे के माध्यम से व्यक्ति के आचरण, व्यवहार और कर्मों का उसके परिवार पर पड़ने वाले प्रभाव को व्यक्त किया जाता है।
मुहावरे का अर्थ:
“घर का नाम डुबोना” का शाब्दिक अर्थ किसी घर के नाम को पानी में डुबो देना नहीं है, बल्कि इसका लाक्षणिक अर्थ है—अपने गलत कार्यों, बुरे आचरण या अनैतिक व्यवहार से अपने परिवार, कुल या वंश की प्रतिष्ठा को नष्ट करना। जब कोई व्यक्ति ऐसा काम करता है जिससे समाज में उसके परिवार की बदनामी होती है, तब कहा जाता है कि उसने “घर का नाम डुबो दिया।”
मुहावरे की व्याख्या:
भारतीय समाज में परिवार की प्रतिष्ठा और मान-सम्मान को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। व्यक्ति केवल अपनी पहचान से नहीं, बल्कि अपने परिवार, जाति या वंश से भी जुड़ा होता है। उसके कर्मों का प्रभाव केवल उसी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे परिवार को प्रभावित करता है।
जब कोई व्यक्ति चोरी, धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार, अपराध, अनैतिक संबंध, नशाखोरी या समाज-विरोधी गतिविधियों में लिप्त हो जाता है और उसके कारण परिवार की छवि समाज में खराब हो जाती है, तो कहा जाता है कि उसने घर का नाम डुबो दिया।
यह मुहावरा इस बात पर बल देता है कि व्यक्ति के कार्यों की जिम्मेदारी केवल उसकी निजी नहीं होती, बल्कि उसके परिवार की सामाजिक स्थिति भी उससे जुड़ी होती है। इसलिए अच्छे कर्मों से जहाँ परिवार का नाम ऊँचा होता है, वहीं गलत कर्मों से परिवार को अपमान और लज्जा का सामना करना पड़ता है।
सामाजिक संदर्भ:
समाज में ऐसे अनेक उदाहरण देखने को मिलते हैं जब किसी एक सदस्य की गलती पूरे परिवार को शर्मिंदगी में डाल देती है। मान लीजिए कोई युवक बड़े पद पर रहते हुए रिश्वत लेते हुए पकड़ा जाता है। समाचार पत्रों और समाज में चर्चा होने लगती है। लोग न केवल उस व्यक्ति की निंदा करते हैं, बल्कि उसके परिवार को भी तानों और आलोचनाओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में कहा जाता है कि उस व्यक्ति ने अपने घर का नाम डुबो दिया।
नैतिक शिक्षा:
यह मुहावरा हमें नैतिक शिक्षा भी देता है। यह सिखाता है कि व्यक्ति को कोई भी कार्य करते समय यह सोचना चाहिए कि उसके कर्मों का प्रभाव उसके माता-पिता, भाई-बहन और पूरे परिवार पर पड़ेगा। यही कारण है कि बड़े-बुजुर्ग अक्सर बच्चों को समझाते हैं—
“ऐसा कोई काम मत करना जिससे घर का नाम डूब जाए।”
साहित्य और भाषा में प्रयोग:
हिंदी साहित्य, कहानियों, उपन्यासों और दैनिक बोलचाल में इस मुहावरे का प्रयोग बहुत आम है। लेखक इसका उपयोग किसी पात्र के पतन, चरित्रहीनता या सामाजिक गिरावट को दर्शाने के लिए करते हैं। इससे कथानक में भावनात्मक गहराई और यथार्थ का बोध होता है।
“घर का नाम डुबोना” मुहावरे का वाक्य प्रयोग / Ghar Ka Naam Dubona Muhavare Ka Vakya Prayog.
1.चोरी करते पकड़े जाने पर उसने पूरे परिवार का घर का नाम डुबो दिया।
2.उसके गलत व्यवहार ने समाज में घर का नाम डुबो दिया।
3.नशे की लत में पड़कर उसने अपने माता-पिता का घर का नाम डुबो दिया।
4.रिश्वत लेते पकड़े जाने से उस अधिकारी ने घर का नाम डुबो दिया।
5.अपराध की दुनिया में जाकर उसने घर का नाम डुबो दिया।
6.पढ़ाई छोड़कर गलत संगत में पड़ना घर का नाम डुबोना कहलाता है।
7.माता-पिता हमेशा डरते थे कि कहीं बेटा घर का नाम न डुबो दे।
8.झूठ और धोखाधड़ी से उसने घर का नाम डुबो दिया।
9.समाज विरोधी कार्यों में लिप्त होकर उसने घर का नाम डुबो दिया।
10.परीक्षा में नकल करते पकड़े जाने से उसने घर का नाम डुबो दिया।
11.उसकी हरकतों ने पूरे गाँव में घर का नाम डुबो दिया।
12.ईमानदारी छोड़कर उसने अपने ही घर का नाम डुबो दिया।
13.गलत दोस्तों के कारण उसने घर का नाम डुबो दिया।
14.चरित्रहीन आचरण से उसने अपने परिवार का घर का नाम डुबो दिया।
15.अवैध कामों में फँसकर उसने घर का नाम डुबो दिया।
16.अनुशासनहीनता से विद्यार्थी अपने घर का नाम डुबो देता है।
17.जुआ खेलने की आदत ने उसका घर का नाम डुबो दिया।
18.पुलिस केस में फँसकर उसने अपने घर का नाम डुबो दिया।
19.झगड़े और मारपीट से उसने घर का नाम डुबो दिया।
20.माता-पिता की सीख न मानकर उसने घर का नाम डुबो दिया।
21.समाज में बदनामी फैलाकर उसने घर का नाम डुबो दिया।
22.भ्रष्टाचार के आरोप ने उसके घर का नाम डुबो दिया।
23.असामाजिक गतिविधियों ने घर का नाम डुबो दिया।
24.गलत फैसलों के कारण उसने घर का नाम डुबो दिया।
25.पढ़ाई में लापरवाही करके वह घर का नाम डुबो रहा है।
26.अनुचित व्यवहार से कोई भी व्यक्ति घर का नाम डुबो सकता है।
27.उसके कर्मों ने उसके परिवार का घर का नाम डुबो दिया।
28.बुरी आदतों ने युवक को घर का नाम डुबोने पर मजबूर कर दिया।
29.चरित्र पर लगे दाग ने घर का नाम डुबो दिया।
30.अच्छे संस्कार न होने से कई लोग घर का नाम डुबो देते हैं।
निष्कर्ष:
“घर का नाम डुबोना” मुहावरा केवल एक भाषिक अलंकार नहीं है, बल्कि समाज की सामूहिक सोच और नैतिक मूल्यों का प्रतिबिंब है। यह हमें यह याद दिलाता है कि व्यक्ति अकेला नहीं होता; वह अपने परिवार और समाज से जुड़ा होता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह अपने आचरण से न केवल स्वयं का, बल्कि अपने परिवार का भी मान-सम्मान बनाए रखे। अच्छे कर्मों से जहाँ घर का नाम रोशन होता है, वहीं बुरे कर्मों से घर का नाम डूब जाता है।
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