चंपत होना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग / Champat Hona Meaning In Hindi
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Champat Hona Muhavre Ka Arth Aur Vakya Prayog / चम्पत होना मुहावरे का अर्थ क्या होता है?
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चम्पत होना |
मुहावरा- “चंपत होना” ।
( Muhavara- Champat Hona )
अर्थ- भाग जाना / फरार होना / पलायन करना / गायब हो जाना / छिप जाना / रफूचक्कर हो जाना / नौ दो ग्यारह हो जाना ।
( Arth/Meaning in Hindi- Bhag Jana / Faraar Hona / Palayan Karna / Gayab Ho Jana / Chhip Jana / Rafuchakkar Ho Jana / Nau Do Gyarah Ho jana )
“चंपत होना” मुहावरे का अर्थ/व्याख्या इस प्रकार है-
“चंपत होना”, यह हिंदी भाषा में प्रयुक्त होने वाला एक महत्वपूर्ण मुहावरा है । इस मुहावरे का अर्थ व्यक्ति या पशु-पक्षी का किसी कारण से भाग जाना, पलायन करना, रफूचक्कर हो जाना या गायब हो जाना होता है ।
मुहावरा ‘‘चंपत होना'’ हिंदी का एक प्रसिद्ध मुहावरा है जिसका अर्थ किसी व्यक्ति या वस्तु का किसी स्थान से चुपके से या अचानक से गायब हो जाना होता है ।
इस मुहावरे का प्रयोग अक्सर किसी व्यक्ति के अचानक भाग जाने या बिना किसी को बताये किसी स्थान को छोड़ने के सन्दर्भ में किया जाता है ।
जैसे-
1. चोरी की ख़बर मिलते ही पुलिस घटना स्थल पर तुरंत पहुंच गयी । लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही चोर घटना स्थल से चंपत हो चुके थे ।
2. जब मोहन की नदी में छलांग लगाने की बारी आयी तो वह वहां से चंपत हो गया ।
3. बगीचे में सब लोग मौज मस्ती कर रहे थे, पर बारिश के आते ही सब लोग वहां से चम्पत हो गये ।
4. रौनक़ घर से ₹50,000 चुरा कर शहर की ओर चंपत हो गया ताकि वो पकड़ा ना जा सके और उन पैसों से कोई बिज़नेस शुरु कर सके ।
5. घर का काम बढ़ने से नौकरानी बहुत परेशन हो गई थी इसीलिए उसने चंपत होने का फैसला कर लिया ।
“चंपत होना” मुहावरे का वाक्य प्रयोग / Champat Hona Muhavare Ka Vakya Prayog.
“चंपत होना” इस मुहावरे का अर्थ नीचे दिए गए कुछ वाक्य प्रयोगों के माध्यम से समझ सकते हैं, जो कि इस प्रकार से हैं-
वाक्य प्रयोग- 1.
घनश्याम जब कमाने के लिए मुंबई जा रहा था तो रास्ते में एक चोर उसका बैग लेकर चंपत हो गया । घनश्याम एक गरीब और अनपढ़ लड़का है । वह मेहनत मजदूरी करके अपना घर चलता है । उसके एक मित्र ने उसकी ऐसी हालत देख कर उससे कहा कि तुम क्यूं नही मुंबई चले जाते हो । जो काम यहां करते हो उसी काम को करके तुम वहां पर दोगुना पैसा कमा लोगे । घनश्याम को ये बात अच्छी लगी । फिर क्या था घनश्याम ने कुछ पैसे इकठ्ठा किए और अपना सामान बांध कर मुंबई के लिए निकल गया । धनश्याम के मुंबई पहुंचते ही उसका बैग चोरी हो गया । मुंबई पहुंचने के बाद घनश्याम जब राश्ते में जा रहा था तो एक चोर ने उसका बैग छीन लिया और फरार हो गया । घनश्याम उस चोर को पकड़ नही पाया क्योंकि देखते हो देखते चोर उसका बैग लेकर चंपत हो चुका था ।
वाक्य प्रयोग- 2.
शर्मा जी बैंक से लोन लिए थे पर उसे समय से चुका नही पाए । समय से लोन न चुकाने से बैंक के कर्मचारी उनके घर नोटिक लेकर आये और कहा कि आपको एक महीने की मोहलत दी जा रही है । एक महीने मे आप सारा लोन चुका देना वरना हमें आपको गिरफ्तार करना पड़ेगा । शर्मा जी घबरा गए उनको कुछ समझ नही आरहा था कि वो क्या करे और लोन कैसे चुकाएं । लोन चुकाने के लिए मिला हुआ समय जब समाप्त हुआ तो शर्मा जी घर छोड़ कर फरारा हो गए । शर्मा जी का जेल जाने से बचने के लिए उनका फरार होना या पलायन कर जाना ही चंपत होना कहलाता है ।
वाक्य प्रयोग- 3.
गांव में रात को कुछ चोर चोरी करने के इरादे से घुस आये । चोरों ने बहुत ही चालाकी और सतर्कतापूर्ण चोरी को अंजाम दे रहे थे पर उनकी इस चोरी का भनक गांव के कुछ लोगों को लग गई । लोगों ने रात के समय में ही पुलिस को सूचना दे दिया कि गांव में चोर घुस आये हैं आप लोग जल्दी से आइये नही तो गांव का सारा सामान चोरी कर के भाग जाएंगे । पुलिस सूचना पाते ही तुरंत अपने दल को लेकर गांव की तरफ बढ़ गई । पुलिस जब तक गांव में पहुँचती उसके पहले ही चोर चोरी किया हुआ सारा सामान लेकर रफूचक्कर हो चुके थे । पुलिस के गांव में पहुंचने पर गांव के लोगों ने पुलिस से कहा कि आप लोग लेट हो गए चोर तो कबके भाग चुके हैं । अर्थात कि चोरों का भागना या उनका रफूचक्कर होना ही चंपत होना कहलाता है ।
वाक्य प्रयोग- 4.
नहर किनारे एक मैदान में कुछ बच्चे आपस में खेल रहे थे । बच्चे खेल में इतना घुल गए थे कि उनको पता ही नही चला कि उनके बिच कब एक सांप घुस आया । अचानक से एक बच्चे की नज़र सांप पर पड़ी । उस बच्चे ने सांप को देखकर चिल्लाना शुरु कर दिया कि जल्दी से सब लोग भागो हमारे बिच सांप आ गया है । फिर क्या था सांप को देखते ही सभी बच्चे खेल खेलना छोड़ कर मैदान से बाहर भागने लगे । देखते ही देखते सभी बच्चे वहां से गायब हो गये । बच्चों का सांप को देखकर भागना या गायब हो जाना ही चंपत होना कहलाता है ।
वाक्य प्रयोग- 5
पार्क में लोगों को देखकर जैसे ही शेर ने दहाड़ना शुरु किया पास मौजूद सभी लोग भाग गए । पार्क में शेर को देखने के लिए बहोत से लोग उसके चारो तरफ इकठ्ठा हुए थे । कुछ लोग शेर के साथ छेड़खानी करने की कोशिश की । लोगों की इस हरकत को देखकर शेर उनपर भड़क गया और जोर से दहाड़ने लगा । शेर की ऐसी दहाड़ सुन कर लोग दर गए और वहां से भागने लगे । शेर की दहाड़ से डर कर लोगों का भागना ही चंपत होना कहलाता है ।
दोस्तों, हम उम्मीद करते हैं की आपको इस मुहावरे का अर्थ समझ में आ गया होगा । आप अपने सुझाव देने के लिए हमें कमैंट्स कर सकते हैं ।
आपका दिन शुभ हो ।
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