“सार्वजनिक” शब्द का क्या मतलब होता है? / What is the meaning of publically?

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Sarvajanik Ka Kya Matlab Hota Hai / Public Ka Kya Arth Hota Hai / सार्वजनिक किसे कहते हैं?   सार्वजनिक का मतलब क्या होता है? सार्वजनिक शब्द का अर्थ (Public, General, Common Meaning In Hindi): ‘सार्वजनिक’ शब्द हिंदी भाषा का एक महत्वपूर्ण और व्यापक अर्थ वाला शब्द है। इसका सामान्य अर्थ होता है—जो सबके लिए हो, जो किसी एक व्यक्ति तक सीमित न हो, बल्कि समाज के सभी लोगों के लिए उपलब्ध या संबंधित हो। शब्द की उत्पत्ति और मूल अर्थ: ‘सार्वजनिक’ शब्द संस्कृत के ‘सर्व’ (अर्थात सभी) और ‘जनिक’ (संबंधित) से मिलकर बना है। इस प्रकार, इसका शाब्दिक अर्थ हुआ—सबसे संबंधित या सबके लिए। यह शब्द उस स्थिति या वस्तु को दर्शाता है जो किसी विशेष व्यक्ति या समूह की निजी संपत्ति नहीं होती, बल्कि आम जनता के उपयोग या हित के लिए होती है। दैनिक जीवन में ‘सार्वजनिक’ का उपयोग: हम अपने रोज़मर्रा के जीवन में इस शब्द का कई बार प्रयोग करते हैं। जैसे— सार्वजनिक स्थान: पार्क, सड़क, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड आदि, जहाँ कोई भी व्यक्ति जा सकता है। सार्वजनिक सेवा: शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन जैसी सेवाएँ जो सरकार या संस्थाओं द्वारा आम...

अपने पाँव पर कुल्हाड़ी मारना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग / Apne Panv Par Kulhadi Marna Meaning In Hindi


Apne Panv Par Kulhadi Marna Muhavare  Ka Arth Aur Vakya Prayog / अपने पाँव पर कुल्हाड़ी मारना मुहावरे का अर्थ क्या होता है ?

 

अपने पाँव पर कुल्हाड़ी मारना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग / Apne Panv Par Kulhadi Marna Meaning In Hindi
अपने पाँव पर कुल्हाड़ी मरना




मुहावरा- “अपने पाँव पर कुल्हाड़ी मारना” ।


( Muhavara- Apne Panv Par Kulhadi Marna )



अर्थ- स्वयं अपनी हानि करना / खुद का अहित करना / संकट मोल लेना / अपना काम खुद बिगाड़ लेना ।


( Arth/Meaning in Hindi- Swayam Apni Haani Karna / Khud Ka Ahit Karna / Sankat Mol Lena / Apna Karya Khud Bigad Lena )






“अपने पाँव पर कुल्हाड़ी मारना” मुहावरे का अर्थ/व्याख्या इस प्रकार है-


अपने पाँव पर कुल्हाड़ी मारना” यह हिंदी भाषा में उपयोग होने वाला एक मुहावरा है । इस मुहावरे का अर्थ यह होता है कि कोई व्यक्ति स्वयं ही अपना हानि कर ले, अपना काम खुद ही बिगाड़ ले या व्यक्ति कोई ऐसा काम करे जिससे कि वो स्वयं ही किसी संकट में आ जाए ।


अर्थात इस मुहावरे का मतलब यह हुआ कि किसी अच्छे काम को खुद बर्बाद करना या स्वयं को हानि में डालना ।



उदाहरण-


देव ने अपने सफल कार्य को समाप्त करके अपने पाँव पर कुल्हाड़ी मार ली ।


इस उदाहरण में ये बताया गया है कि देव कोई काम करता है । और वह उस काम में बहुत सफल हो गया है । पर ना जाने देव को क्या हो गया कि उसने अपने सफल कार्य को समाप्त कर दिया । ऐसा करने से देव ने स्वयं ही अपना कार्य बिगाड़ लिया और खुद का अहित किया । अर्थात कि हम ये कह सकते हैं कि देव ने ऐसा कर के अपने पाँव पर कुल्हाड़ी मार ली है ।



“अपने पाँव पर कुल्हाड़ी मारना” मुहावरे का वाक्य प्रयोग / Apne Panv Par Kulhadi Marna Muhavare Ka Vakya Prayog.



अपने पाँव पर कुल्हाड़ी मारना” इस मुहावरे का अर्थ नीचे दिए गए कुछ वाक्य प्रयोगों के माध्यम से समझ सकते हैं । जो कि इस प्रकार से हैं - 



वाक्य प्रयोग- 1.


सफलता के करीब पहुँच कर विनय ने अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार लिया ।


विनय पुलिस में भर्ती होने के लिए दिन रात पढ़ाई करता है । और वैसे ही शारीरिक व्यायाम भी करता है । विनय ने पुलिस भर्ती परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त कर लिए । और उसका नाम भी लिस्ट में आ गया । अब विनय को सिर्फ फिजिकल का टेस्ट ही निकालना है । फिजिकल का टेस्ट देने जाते समय दीपक को किसी व्यक्ति से धक्का लग गया । दीपक को गुरुर हो गया था कि अब तो वह पुलिस बन ही जायेगा इसलिए उसने उस व्यक्ति से झड़प कर लिया । दीपक को इससे बचना चाहिए क्योंकि उसे अभी फिजिकल का टेस्ट देना है । पर इस बात का परवाह किए बिना ही दीपक उस व्यक्ति से झड़प करते हुए मार पीट पर उतर आया जिसमें दीपक का पैर टूट गया । दीपक फिजिकल का टेस्ट देने जाने के बजाय हॉस्पिटल में पहुंच गया और उसका पुलिस मे भर्ती होने का उसका सपना टूट गया । 

इस तरह सफलता के करीब पहुँच कर दीपक ने उस व्यक्ति से झड़प करके संकट मोल ले लिया और अपना ही अहित कर लिया ।  इस प्रकार से दीपक ने सफलता के करीब पहुँच कर अपने पाँव पर कुल्हाड़ी मार लिया ।



वाक्य प्रयोग- 2.


यह अच्छा कार्य था, लेकिन जया ने अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार कर सब कुछ बिगाड़ दिया ।


जया पढ़ने लिखने में बहुत अच्छी है । मोहल्ले के सभी लोग जया की तारीफ करते नही थकते । जया के पिता जी ने जया को कुछ टयूशन दिलवाये थे । और उन टयूशन के जरिए जया अच्छी कमाई कर लेती थी । एक दिन टयूशन पढ़ाते हुए जया ने एक बच्चे को गुस्से में कुछ ज्यादा ही पीट दिए । जिससे उस बच्चे को बुखार हो गया । इस घटना के बाद बच्चे के पिता ने जया को टयूशन न पढ़ाने को कह दीया । यह बात जब पूरे मोहल्ले में फैली तो सभी अभिवावकों ने अपने बच्चों का टयूशन छुड़वा दिया । इस प्रकार से जया ने उस एक बच्चे को पीट कर संकट मोल ले लिया । और जया ने अपना अहित स्वयं ही कर लिया । इसीलिए जया के पिता ने कहा कि यह अच्छा कार्य था, लेकिन जया ने अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार कर सब कुछ बिगाड़ दिया ।



वाक्य प्रयोग- 3.


बिना सोचे समझे निर्णय लेने के कारण महेश ने अपने पाँव पर कुल्हाड़ी मार लिए ।


महेश एक कम्पनी में कार्य करता है । महेश उस कम्पनी में बहुत खुश है । एक दीन महेश को उसका एक पुराना दोस्त मिल गया । कुछ दिन पहले ही वह व्यक्ति विदेश से लौटा था । उस व्यक्ति ने अर्थात कि रमेश के दोस्त ने रमेश से कहा कि तुम यहां काम करना छोड़ दो और मेरे साथ विदेश चलो, वहां पर बहुत पैसा है । महेश अपने दोस्त की बातों से बहुत प्रभावित हुआ और उसने अपनी नौकरी बिना सोचे समझे छोड़ दी । कुछ दिन के बाद महेश ने अपने दोस्त के कहे हुए व्यक्ति को विदेश भेजनें के लिए पैसे दे आए । एह महीना बीत जाने के बाद भी महेश विदेश नही जा पाया है । क्योंकि रमेश का दोस्त और पैसे लेने वाला व्यक्ति कही मिल नही रहे थे । इस तरह से महेश ने बिना सोचे समझे नौकरी छोड़ कर अपना काम बिगाड़ लिया । और उस अंजान व्यक्ति को पैसे देकर खुद का ही अहित कर लिया । दोस्तों, इसे ही कहते हैं अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारना ।



वाक्य प्रयोग- 4.


रवि ने अपने पिता कि बात न मानकर अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार लिया ।


रवि के पिता ने कहा कि देखो रवि अगर तुम मेरी बात नही मानोगे तो मै तुम्हें अपनी जायदाद का एक हिस्सा भी नही दूंगा । रवि के पिता ने उसको खेती करने को कहा । पर रवि उनकी बात नही मानी और अपनी मनमानी करता रहा । रवि ने बार बार कहने पर भी जब बात नही मानी तो उसके पिता ने उसे जायदाद से बेदखल कर दिया । इस प्रकार से रवि ने अपने पिता की बात न मान कर अपना ही अहित कर लिया । अर्थात की अपना अहित करना ही अपने पाँव पर कुल्हाड़ी मारना कहलाता है ।



वाक्य प्रयोग- 5.


सरला को उसकी कम्पनी ने एक प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए कहा है । पर सरला उसे समय से शुरु नही कर पा रही है । और एक दिन सरला ने अपने बॉस को ये कह दिया किया वो इस प्रोजेक्ट को नही कर पायेगी । सरला के इस बात पर उसके बॉस बहुत गुस्सा हुए और उसे नौकरी से निकाल दिया । इस प्रकार सरला ने प्रोजेक्ट पर काम नही करने को कह कर अपना ही काम बिगाड़ लिया । अर्थात कि प्रोजेक्ट को मना कर के उसने अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार लिया ।



दोस्तों, हम आशा करते हैं कि आपको इस मुहावरे का अर्थ समझ में आ गया होगा । अपने सुझाव देने के लिए हमें कमैंट्स जरूर करें ।



आपका दिन शुभ हो । 😊


धन्यवाद । 🙏






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